शहीद-ए-आजम भगत सिंह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक उग्र विचार, गहन अध्ययन और अटूट बलिदान का प्रतीक हैं। यह किताब भगत सिंह के व्यापक जीवन को एक अद्वितीय और भावनात्मक दस्तावेज़ीकरण के माध्यम से प्रस्तुत क……続きを見る
भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू 1922 में पहली बार जेल जाने और 1945 में आखिरी बार रिहा होने के बीच कुल नौ बार जेल गए। सबसे कम 12 दिनों और सबसे अधिक 1,041 दिनों के लिए। वे कुल 3259 दिन यानी अ……続きを見る
प्रकृति
ने हमें जन्म देकर,हमारा पालन पोषण किया
झूठी परम्पराओं
ने अंधविश्वास को क़ायम रखा
दूषित शिक्षा
और समाज ने हमें ग़ुलाम बनाया
पूँजीवादियों
ने हमें और अधिक के लिए भूखा बनाया
अध्यात्म
ने एक ऐसी च……続きを見る
इस किताब की कवितायें उन भावनाओं पर आधारित हैं जो मेरे अपने जीवन या मेरे आस पास की होने वाली परिस्थितियों से मेरे अंदर आयी, जिन्होंने मुझे लिखने के लिए प्रेरित या शायद मजबूर किया इन कविताओं की बुनिया……続きを見る
यह कविता संग्रह इन्द्रधनुष की तरह है जिसे पढ़ कर पाठक ज़िन्दगी के हर रंग और हर ऐहसाससे रूबरू होगें और ख़ुद को जुड़ा हुआ महसूस करेगें।ये कविता आज की भागती हुई ज़िन्दगी में दो पल ठहर कर अपने बारे में,सपनों……続きを見る
जब महाभारत कभी उत्कीर्ण होगा, शिलाओं पर कर्ण का गौरव खुदेगा, पीढ़ियाँ गाती रहेंगी शौर्यगाथा, कर्ण, तुम तो तुम्हीं हो, अनुपम अनन्वय। प्रस्तुत लम्बी कविता में कवि की प्रांजल मेधा का ओजस्वी रूप प्रगट ह……続きを見る